मिश्रित खेती किसे कहते हैं

मिश्रित खेती एक विवेकपूर्ण दृष्टिकोण

इस प्रकार की खेती में विभिन्न फसलों का समय, जल, ऊर्जा, और ऊर्जा संप्रेषण प्रव्यवस्थित रूप से प्रयोग किया जाता है ताकि फसलों की वृद्धि बेहतर हो और फसलों के बीच का पोषण भी संतुलित हो। इससे जमीन की उपयोगिता और पैदावार भी बढ़ती है जो किसानों के लाभकारी होता है।

क्या है मिश्रित खेती?

जब किसी खेत में एक साथ दो या दो से अधिक फसलें उगायी जाती है तो इसे मिश्रित खेती (Mixed Cropping) कहते है । मिश्रित खेती में एक खेत में एक ही साथ दो फसलें उगायी जाती है।

मिश्रित खेती के लाभ

1. ज्यादा उत्पादन

मिश्रित खेती की विशेषता यहां है कि इससे अधिक उत्पादन होता है। विभिन्न प्रकार की फसलें एक साथ उगाने से खेत का प्रयोग अधिक उत्पादक बनता है और यह उत्पादन में वृद्धि करने में मदद करता है। इससे किसानों को अधिक आय प्राप्त हो सकती है।

2. पर्यावरणीय लाभ

मिश्रित खेती से न सिर्फ उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि भूमि संरचना में भी सुधार होता है। विभिन्न प्रकार की फसलों का संयोजन भूमि की उपयोगिता को बढ़ाता है और उसे जीवनुकृत बनाता है और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है ।

3. जल संरचना में सुधार

मिश्रित खेती से पानी की बचत होती है, क्योंकि विभिन्न प्रकार की फसलों की उपयोगिता के अनुसार पानी का प्रयोग कम होता है। इससे पानी की बचत होती है और साथ ही जल संरचना में सुधार होता है।

मिश्रित खेती के उदाहरण

  • गेहूँ के साथ-साथ सरसों का एक साथ उगाना
  • आलू तथा सरसों को एक साथ उगाना