हमारे देश में मुख्य रूप से 6 तरह की मृदाओ का फैलाव है :-
1) जलोढ़ मृदा
2) काली मृदा
3) लेटराइट मृदा
4) लाल और पीली मृदा
5) वन मृदा
6) शुष्क मृदा
1) जलोढ़ मृदा :- इन 6 मृदा में से सबसे प्रमुख है जलोढ़ मृदा जो कि नदियों के मैदानी इलाकों में बिछी हुई है |यह अत्यंत ही उर्वर मृदा है तथा खेती के लिए उपर्युक्त है|
2) काली मृदा :- भारत के पश्चिमी इलाकों में काली मृदा पाई जाती है जो कि कपास गेहूं आदि की खेती के लिए उपर्युक्त है |काली मृदा बहुत ही महीन कणों से मिलकर बनी होती है इस वजह से इसमें नमी धारण करने की क्षमता बहुत होती है |
3) लेटराइट मृदा :- भारत के अधिक वर्षा वाले प्रदेशों में लेटराइट मिट्टी पाई जाती है लेटराइट मृदा तापमान और अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में विकसित होती है|
4) लाल और पीली मृदा :- लाल मिट्टी का लाल रंग लौह ऑक्साइड की उपस्थिति के कारण होता है , लेकिन जलयोजित रूप में यह पीली दिखाई पड़ती है | मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, महाराष्ट्र , उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु मेघालय, नागालैण्ड, तथा पश्चिमी बंगाल में इसका विस्तार है। छत्तीसगढ़ में लाल-पीली मिट्टी को स्थानीय रूप से “मटासी मिट्टी” के नाम से जाना जाता है
5) वन मृदा :- हिमालय पर वन मृदा पाई जाती है |
6) शुष्क मृदा:- थार मरुस्थल में शुष्क मृदा पाई जाती है |