किस समिति की सिफारिशों से देश में पंचायती राज का उदय हुआ

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    romni
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        Quizzer Jivtara
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          बलवन्त राय मेहता समिति की सिफारिशों से देश में पंचायती राज का उदय हुआ |

          बलवन्त राय मेहता समिति के आधार पर 2 अक्टूबर, 1959 को पंचायती राज व्यवस्था की त्रि-स्तरीय पद्धति लागू की गई।

          भारत में पंचायतों को ग्रामीण विकास का शक्तिशाली उपकरण बनाने तथा पंचायतों की सीमित सफलता का परीक्षण करके उपयोगी सुझाव देने हेतु सरकार ने सन् 1957 में संसद सदस्य बलवन्त राय मेहता की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जिसे उन्हीं के नाम पर बलवन्त राय मेहता समिति’ नाम दिया गया।

          इस समिति ने छः महीने तक देश के अलग-अलग हिस्सों में ग्राम पंचायतों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

          इस समिति का मानना था कि स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद की ग्रामीण योजनाओं में जनता की भागीदारी बहुत कम है।

          लोकतान्त्रिक विकेन्द्रीकरण के लिए यह आवश्यक है कि ग्रामीणों की अधिकाधिक भागीदारी वाली पंचायती राज व्यवस्था स्थापित की जाए।

          अत: ग्राम पंचायतों के स्थान पर एक तीन स्तरों-ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत, खण्ड स्तर पर पंचायत समिति तथा जिला स्तर पर जिला परिषद वाली व्यवस्था स्थापित की जाए।

          इन तीनों स्तरों को एक-दूसरे से इस प्रकार सम्बद्ध किया जाए कि ग्रामों का स्थानीय शासन अधिक व्यवस्थित बन सके। तीनों स्तरों की पंचायतों को अधिक अधिकार और आर्थिक साधन दिए जाएँ।

          स्वतन्त्र भारत में स्थानीय संस्थाओं के विकास के काल में इन संस्थाओं के कार्यकरण में अनेक कमियों और न्यूनताओं का अनुभव किया गया।

          अतः सरकार ने सन् 1985 में जी. वी. के. राव की अध्यक्षता में एक नयी समिति को नियुक्त किया जिसे ‘राव समिति’ की संज्ञा से अभिहित किया गया।

          इस समिति ने अपनी सिफारिशों में पहली बार यह सुझाव दिया कि पंचायती राज व्यवस्था के सभी स्तरों पर अनुसूचित जातियों/जनजातियों तथा महिलाओं को विभिन्न पदों पर आरक्षण देना आवश्यक है।

          राव समिति की सिफारिशों को कार्य रूप देने हेतु केन्द्र सरकार ने सन् 1992 में संविधान में 73वाँ संशोधन कर एक नवीन कानून पारित किया। इसे ही ‘संविधान संशोधन अधिनियम, 1992’ कहते हैं।

          20 अप्रैल, 1993 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के उपरान्त भारत सरकार ने 1 जून, 1993 से पूरे देश में इसे लागू कर दिया।

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