सामाजिक आधारभूत संरचना के घटक कौन से हैं

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    उत्तरकर्ता jivtaraQuizzer
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    सामाजिक संरचना क्या है ( परिभाषा ) :-

    समाज एक अखण्ड व्यवस्था है। उसके अनेक अंग होते हैं, जैसे-परिवार, स्कूल, कारखाना, अस्पताल, अदालत, मन्दिर, व्यक्ति आदि।

    समाज के अन्दर इनमें से प्रत्येक का एक निश्चित स्थान होता है और उसी के अनुसार वे एक क्रम से समाज में सजे होते हैं।

    साथ ही, ये सभी अंग एक-दूसरे से पृथक् नहीं होते अपितु उनमें एक पारस्परिक सम्बन्ध होता है।

    इस प्रकार अपने-अपने निश्चित स्थान पर व्यवस्थित रूप में अन्तःसम्बन्धित होने के कारण समाज की जो निश्चित बनावट प्रकट होती है, उसी को सामाजिक संरचना कहते हैं।

    दूसरे शब्दों में, “समाज के विभिन्न निर्माणक अंग व्यवस्थित ढंग से अन्तःसम्बन्धित रहते हुए जिस ढाँचे या रूपरेखा की रचना करते हैं, उसी को सामाजिक संरचना कहते हैं।”

    सामाजिक आधारभूत संरचना के घटक या तत्व निम्न है :-

    (1) सामाजिक रचनातंत्र (Social Morphology)- सामाजिक संरचना के बाह्य आकार का निर्माण करने वाले तत्व-भाषा, श्रम विभाजन की प्रकृति, विभिन्न समूह आदि सामाजिक रचनातंत्र कहलाते हैं। ये ऐसे तत्व हैं जिनमें काफी लम्बे समय तक कोई परिवर्तन नहीं होता है। इसी कारण सामाजिक संरचना की प्रकृति स्थिर मानी जाती है।
    (2) सामाजिक क्रियातंत्र (Social Physiology)- सामाजिक संरचना के वे तत्व जो मनुष्य और मानव समूहों के सम्बन्धों को व्यवस्थित और नियन्त्रित करते हैं सामाजिक क्रियातंत्र के अन्तर्गत आते हैं। नैतिकता, धर्म, शिक्षा, सरकार, कानून आदि इसी प्रकार के तत्व हैं। इन तत्वों के ही कारण ही एक सामाजिक संरचना की प्रकृति दूसरी सामाजिक संरचना से पृथक होती है।
    (3) सामाजिक मूल्य (Social Values)- समाज में व्यक्ति के सामाजिक सम्बन्ध पूर्णतया स्वतंत्र न होकर कुछ सामाजिक मूल्यों के अधीन होते हैं। ये मूल्य एक समुदाय के लोगों को एकता के सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं और इन्हीं के आधार पर एक सामाजिक संरचना की दूसरी सामाजिक संरचना से तुलना की जाती है।
    (4) सामाजिक अन्तःक्रियाएँ (Social Interactions)- समाज में रहकर लोगों के मध्य कुछ न कुछ अन्त:क्रियाएँ होती हैं जिनके द्वारा मनुष्य की विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। इन अन्त:क्रियाओं के माध्यम से विभिन्न इकाइयों के मध्य स्थापित होने वाले सम्बन्धों की क्रमबद्धता को ही सामाजिक संरचना कहा जाता है।
    (5) सामाजिक संस्थाएँ (Social Institutions)- एक सामाजिक संस्था समाज की ऐसी संरचना है जिसे मुख्य रूप से सुस्थापित प्रणालियों के द्वारा लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संगठित किया गया हो। इस प्रकार सामाजिक संस्थाओं का कार्य सामाजिक संरचना के अन्तर्गत लोगों के व्यवहार का नियमन करना और नियन्त्रण की व्यवस्था को बनाए रखना है।

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