साधारण विधेयक और धन विधेयक में अंतर स्पष्ट

    प्रश्नकर्ता MD
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    उत्तरकर्ता Quizzer Jivtara
    Participant

    साधारण विधेयक और धन विधेयक में अंतर

    साधारण विधेयक:-

    1) सामान्य विधेयक को संसद के किसी भी सदन में पेश किया जाता है।

    2) सामान्य विधेयक को पेश करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्वानुमति आवश्यक नहीं है।

    3) सामान्य विधेयक के संबंध में दोनों सदनों को समान अधिकार प्राप्त हैं।

    4) सामान्य विधेयक पर दोनों सदनों में मतभेद होने पर राष्ट्रपति संयुक्त अधिवेशन बुला सकता है।

    5) सामान्य विधेयक को राष्ट्रपति एक बार पुनर्विचार के लिए वापस कर सकता है।

    6) साधारण विधेयक का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन के किसी भी सदस्य द्वारा लाया जा सकता है।

    7) साधारण विधेयक को दूसरे सदन में भेजने के पूर्व लोकसभा अध्यक्ष के प्रमाण-पत्र की आवश्यकता होती है।

    8) राज्यसभा साधारण विधेयक को 6 महीने तक रोक सकती है।

    9) दूसरे सदन द्वारा 6 महीने तक साधारण विधेयक पारित न किए जाने पर राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों का संयुक्त अधिवेशन बुला सकता है।

    धन विधेयक:-

    1) धन विधेयक सर्वप्रथम लोकसभा में पेश किया जाता है, राज्यसभा में नहीं।

    2) धन विधेयक को प्रस्तुत करने से पूर्व राष्ट्रपति की अनुमति आवश्यक होती है।

    3) धन विधेयक के संबंध में लोकसभा को अत्यांतिक अधिकार प्रदान किए गए है।

    4) धन विधेयक के संबंध में संयुक्त अधिवेशन का प्रावधान नहीं है।

    5) धन विधेयक को राष्ट्रपति पुनर्विचार के लिए वापस नहीं कर सकता है। (अनुच्छेद-111 का परंतुक)

    6) धन विधेयक केवल सरकार के द्वारा ही प्रस्तावित किए जाते हैं।

    7) धन विधेयक को दूसरे सदन में भेजने से पूर्व लोकसभा के अध्यक्ष को इस बात  का प्रमाण-पत्र देना पड़ता है कि यह धन विधेयक है।

    8) धन विधेयक को राज्यसभा केवल 14 दिन तक अपने पास रोक सकती है।

    9) धन विधेयक 14 दिन के बाद राज्यसभा द्वारा पारित समझा जाता है।

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