“यथा शिखा मयूराणां” श्लोक के लेखक कौन है और यह किस ग्रन्थ से लिया गया है |

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    उत्तरकर्ता jivtaraQuizzer
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    “यथा शिखा मयूराणां” श्लोक के लेखक ऋषि लगध है तथा यह वेदांग ज्योतिष का एक श्लोक है, जो की संसार का प्राचीन ज्याेतिष ग्रन्थ माना जाता है।

    यथा शिखा मयूराणाम् , नागानाम् मणयो यथा ।
    तदवद् वेदांगशास्त्राणाम् , गणितम् मूर्धनिस्थितम ॥

    इस श्लोक का अर्थ है की “सभी वेदांग शास्त्रों के शीर्ष पर गणित उसी प्रकार सुशोभित है, जैसे मोर के सिर पर शिखा और नाग के फन में मणि सुशोभित है” |

    इसमें गणित की महत्ता को दर्शाया गया है |

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