मेसोपोटामिया के समाज में एकल परिवार से क्या तात्पर्य है

    प्रश्नकर्ता meeso
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    उत्तरकर्ता jivtaraQuizzer
    Participant

    मेसोपोटामिया के समाज में एकल परिवार से तात्पर्य :- 

    मेसोपोटामिया के विभिन्न खोज-स्थलों से उपलब्ध विवाह, उत्तराधिकार आदि विषयों से सम्बन्धित कानूनी दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि समाज में एकल परिवार को आदर्श माना जाता था।

    एक पुरुष, उसकी पत्नी और बच्चे एकल परिवार के अन्तर्गत आते थे, किन्तु एक विवाहित पुत्र और उसका परिवार प्रायः माता-पिता के साथ रहते थे।

    पिता परिवार का मुखिया माना जाता था।

    विवाह प्रायः वर-वधू के माता-पिता की सहमति से किए जाते थे।

    वधू के माता-पिता से विवाह की सहमति मिलने पर वर पक्ष के लोग वधू को उपहार देते थे।

    विवाह की रस्म पूरी हो जाने पर दोनों पक्ष परस्पर उपहारों का आदान-प्रदान करते थे।

    वे एक साथ बैठकर भोजन करते थे और मंदिर में जाकर भेंट चढ़ाते थे।

    पिता पुत्री के विवाह के समय उसकी दाय का भाग उसे दे देता था।

    पिता का घर, खेत, पशुपालन आदि उसके पुत्रों को मिलते थे।

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