भौतिक परिवर्तन किसे कहते हैं

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    उत्तरकर्ता kanha01
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    भौतिक परिवर्तन- वे परिवर्तन जिनमें वस्तुओं के भौतिक गुण जैसे-आकार, अवस्था, ताप इत्यादि अस्थाई रूप से बदल जाते हैं परंतु उनके संघटन तथा भार में परिवर्तन नहीं होता, उनको भौतिक परिवर्तन कहते हैं।

    भौतिक परिवर्तनों के मुख्य बिन्दु –

    1. इन परिवर्तनों के फलस्वरूप कोई नया पदार्थ नहीं बनता।

    2. इसमें रासायनिक संगठन तथा आण्विक संरचना में कोई अंतर नहीं आता है।

    3. इस परिवर्तन में मूल पदार्थ के रासायनिक गुण नहीं बदलते।

    4. ये उत्क्रमणीय होते हैं तथा ये परिवर्तन अस्थाई होते हैं।

    भौतिक परिवर्तनों के कुछ सामान्य उदाहरण हैं :-

    (i) बर्फ का गलन (जल बनना):- जब बर्फ को गर्म किया जाता है, वह गलकर जल बनाता है। यद्यपि बर्फ और जल भिन्न दिखाई देते हैं, वे दोनों जल के अणुओं के बने हैं। अतः, बर्फ के गलन के दौरान नये रासायनिक पदार्थ नहीं बनते हैं। इसलिए, बर्फ के गलन से जल का बनना एक भौतिक परिवर्तन है। जब जल को ठण्डा किया जाता है (जैसाकि रेफ्रिजरेटर में), तो जल ठोसीकृत होकर बर्फ बनाता है। यह जल का हिमीकरण कहलाता है। जल के हिमीकरण से बर्फ का बनना भी एक भौतिक परिवर्तन है।

    (ii) जल का हिमीकरण (बर्फ बनना):- जब जल को गर्म किया जाता है, वह क्वथन कर (उबल कर) भाप बनाता है। यद्यपि भाप और जल भिन्न दिखाई देते हैं, वे दोनों जल के अणुओं के बने हैं। अतः, जल के क्वथन के दौरान कोई नया रासायनिक पदार्थ नहीं बनता है। इसलिए, जल के क्वथन से भाप का बनना एक भौतिक परिवर्तन है। जब भाप को ठंडा किया जाता है, वह संघनित (द्रवित) होकर जल बनाती है। भाप के संघनन (या द्रवण) से जल का बनना भी एक भौतिक परिवर्तन है।
    (iii)जल का क्वथन (भाप बनना):- हम चीनी मिट्टी की प्याली में जल लेते हैं और उसमें थोड़ा साधारण लवण (नमक) विलेय करते हैं। लवण जल में विलुप्त हो जाता है और लवण-विलयन बनता है। इसलिए, लवण का विलयन बनाने में परिवर्तन होता है। हम अब लवण विलयनधारी इस चीनी-मिट्टी की प्याली को बर्नर पर तब तक गर्म करते हैं जब तक सम्पूर्ण जल वाष्पित हो जाता है। चीनी-मिट्टी की प्याली में सफेद चूर्ण बच जाता है। यदि हम इस सफेद चूर्ण को चखते हैं, हम पायेंगे कि वह साधारण लवण (नमक) है। यह वही साधारण लवण है जिसे हमने पहले जल में घोला था। इसका अर्थ है कि जल में साधारण लवण घोलकर लवण विलयन बनाने में कोई नया रासायनिक पदार्थ नहीं बनता है। अतः, विलयन का बनाना एक भौतिक परिवर्तन है।

    (iv) विद्युत बल्ब का चमकना:- जब विद्युत-बल्ब का स्विच चालू किया जाता है, उसके तन्तु से विद्युत-धारा प्रवाहित होती है। बल का तन्तु श्वेत तप्त हो जाता है और चमकने लगता है तथा प्रकाश देता है। जब विद्युतधारा के स्विच को बंद कर दिया जाता है, तन्तु अपनी सामान्य स्थिति में लौट आता है और बल्ब चमकना बंद कर देता है। इस प्रक्रम के दौरान बल्ब में कोई नया पदार्थ नहीं बनता है। इसलिए, किसी विद्युत बल्ब का चमकना एक भौतिक परिवर्तन है ।

    (v) काँच के गिलास का टूटना:- जब एक काँच का गिलास टूटता है, उसके अनेक टुकड़े हो जाते हैं। काँच के गिलास का प्रत्येक टूटा हुआ टुकड़ा अभी भी काँच ही होता है। इसलिए,काँच के गिलास के टूटने के दौरान, काँच का केवल आकार और बाह्य आकृति परिवर्तित होती है परन्तु कोई नया पदार्थ नहीं बनता है। इसलिए, काँच के गिलास का टूटना एक भौतिक परिवर्तन है।

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