भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन कैसे होता है बताइए

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    उत्तरकर्ता Quizzer Jivtara
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    संविधान की धारा 52 के अनुसार देश में एक राष्ट्रपति होगा ।

    राष्ट्रपति भारत सरकार का सबसे बड़ा पद है ।

    राष्ट्रपति सरकार का अध्यक्ष होता है ।

    सारे देश का शासन राष्ट्रपति के नाम पर ही चलता है ।

    राष्ट्रपति अपने सभी कार्य प्रधान मंत्री और मंत्री मण्डल की सलाह पर करता है ।

    राष्ट्रपति का चुनाव भारत की जनता सीधे तौर पर न करके अपने चुने हुए नुमाइन्दों के माध्यम से करती है ।

    संसद के दोनों सदनों और राज्यों की विधान सभाओं के चुने हुए सदस्य राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान करते हैं ।

    इन सदस्यों को मिला कर एक निर्वाचन मंडल बनाया जाता है।

    यह गुप्त मतदान के द्वारा राष्ट्रपति का चुनाव करता है ।

    यह गुप्त मतदान “अप्रत्यक्ष निर्वाचन” तथा “एकल संक्रमणीय मत पद्धति” से होता है |

    अप्रत्यक्ष निर्वाचन : राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे निर्वाचक मण्डल द्वारा किया जायेगा, जिसमें

    (1) संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और
    (2) राज्य विधानसभाओं तथा 70वें संवैधानिक संशोधन (1992) के अनुसार संघीय क्षेत्रों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य होंगे

    एकल संक्रमणीय मत पद्धति : संसद तथा राज्यों और संघीय क्षेत्रों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा राष्ट्रपति का चुनाव, एक विशेष मत पद्धति के अनुसार होगा, जिसे ‘एकल संक्रमणीय मत पद्धति’ (Single Transferable Vote System) कहा जाता है।

    इस चुनाव में मतदान गुप्त मतपत्र द्वारा होता है और चुनाव में सफलता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार के लिए ‘न्यूनतम कोटा’ (Quota) प्राप्त करना आवश्यक होता है।

    न्यूनतम कोटा निर्धारित करने के लिए निम्नांकित सूत्र अपनाया जाता है।

    न्यूनतम कोटा = (दिये गये वैध मतों की संख्या / निर्वाचित होने वाले प्रतिनिधियों की संख्या ) ÷ 1000

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