बुंदेले हर बोलो के मुख हमने सुनी कहानी थीखूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी प्रस्तुत वाक्य में कौन सा रस है

    प्रश्नकर्ता maharshi
    Participant
Viewing 1 replies (of 1 total)
  • उत्तर
    उत्तरकर्ता jivtaraQuizzer
    Participant

    प्रस्तुत वाक्य “बुंदेले हर बोलो के मुख हमने सुनी कहानी थीखूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी” में “वीर रस” है |

    “जहाँ हृदय में ओज, उमंग, उत्साह, का भाव उत्पन्न हो, वहाँ वीर रस होता है”

    अथवा

    “वीर रस का स्थायी भाव ‘उत्साह’ है । जहाँ विभाव, अनुभाव तथा व्यभिचारी भावों के संयोग से ‘उत्साह’ नाम स्थायी भाव रस रूप में परिणत होता है, वहाँ वीर रस होता है ”

    प्रस्तुत पद्यांश का सही शीर्षक झाँसी की रानी है |

    इस कविता के कवित्रिय सुभद्राकुमारी चौहान है जिनकी अधिकतर रचनाये देश भक्ति पूर्ण होती है |

Viewing 1 replies (of 1 total)
  • इस प्रश्न पर अपना उत्तर देने के लिए कृपया logged in कीजिये