प्रमाप विचलन के कोई पांच गुण लिखिए उत्तर

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    (Standard Deviation) प्रमाप विचलन अपकिरण को मापने का सबसे अधिक सन्तोषप्रद तथा सर्वाधिक व्यवहार में आने वाला माप है।

    इसे ‘प्रमाप विचलन’ इसलिए कहा जाता है कि गणितीय दृष्टि से यह बहुत मान्य है |

    इसका प्रयोग सांख्यिकीय अध्ययनों के उच्च स्तरों पर किया जाता है। प्रमाप विचलन आँकड़ों के संक्षिप्तीकरण में वैज्ञानिक रूप से अपनायी जाने वाली अपकिरण की विधियों में से सर्वश्रेष्ठ एक विधि है।

    प्रमाप विचलन के विचार का प्रतिपादन कार्ल पियर्सन (Karl Pearson) ने 1893 में किया था।

    माध्य विचलन तथा द्वि-परिघात अपकिरण का महत्व केवल शैक्षणिक अध्ययन के लिए ही है, व्यवहार में प्रमाप विचलन का प्रयोग सर्वाधिक होता है |

    प्रमाप विचलन विधि का सांख्यिकी में सबसे अधिक प्रयोग होता है क्योंकि यह विधि अपकिरण मापने की विभिन्न विधियों के दोषों को दूर करती है।

    किसी श्रेणी के समान्तर माध्य से निकाले गये उसके विभिन्न पद-मूल्यों के वर्गों के माध्य का वर्गमूल उस श्रेणी का प्रमाप विचलन कहलाता है।

    इसे माध्य से निकाला जाने वाला विचलन-वर्ग-माध्य मूल (Root-Mean-Square Deviation from Mean) भी कहा जाता है।

    प्रमाप विचलन के लिए ग्रीक वर्णमाला का अक्षर σ (सिगमा) प्रयुक्त किया जाता है।

    प्रमाप विचलन के गुण (Merits of Standard Deviation):-
    (1) समंकमाला के सभी पदों पर आधारित-प्रमाप विचलन समंकमाला के सभी पदों पर आधारित होता है। विस्तार (range) तथा अपकिरण की स्थिति की अन्य मापें सभी पदों पर आधारित नहीं होती।
    (2) शुद्ध गणितीय विधि पर आधारित प्रमाप विचलन ज्ञात करने में विचलनों के वर्ग किये जाते हैं, अत: ऋणात्मक विचलन गणितीय रीति में स्वयं ही धनात्मक हो जाते हैं। विचलन माध्य से निकाले जाते हैं जो एक आदर्श माध्य है। प्रमाप विचलन शुद्ध गणितीय विधि पर आधारित होने के कारण अग्रिम विवेचन में इनका प्रयोग किया जा सकता है।
    (3) प्रतिचयन में महत्वपूर्ण प्रमाप विचलन अपकिरण की सर्वश्रेष्ठ माप है तथा प्रतिचयन विधि में इसका विशेष महत्व है। अपकिरण की अन्य मापों की अपेक्षा प्रमाप विचलन पर प्रतिदर्श के परिवर्तनों का सबसे कम प्रभाव पड़ता है।
    (4) स्पष्ट व निश्चित माप-प्रमाप विचलन अपकिरण की स्पष्ट तथा निश्चित माप है। इस माप को प्रत्येक स्थिति में ज्ञात किया जा सकता है।
    (5) सामान्य वक्र के क्षेत्र का निर्धारण-प्रमाप विचलन से सामान्य वक्र (normal curve) के क्षेत्र का निर्धारण स्पष्ट रूप से होता है।
    (6) उपयोगी माप-प्रमाप विचलन का उपयोग विभिन्न समूहों के विचरणशीलता की तुलना करने, दैव प्रतिदर्शी (Random Samples) में विभिन्न मापों की अर्थपूर्णता की जाँच (Test of Significance) करने, सह-सम्बन्ध विश्लेषण, वितरण की सीमाएँ निर्धारित करने आदि में होता है।

    प्रमाप विचलन के दोष (Demerits of Standard Deviation):-
    (1) प्रमाप-विचलन की गणना करना व उसे समझना कठिन होता है।
    (2) इसमें चरम मूल्यों पर अधिक बल दिया जाता है क्योंकि इसमें मूल्यों के वर्ग किये जाते हैं।

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