“पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।।” में भक्ति रस का उपयोग हुआ है।

    प्रश्नकर्ता bhagyashree
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  • उत्तर
    उत्तरकर्ता Shivani
    Participant

    “पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।।” में भक्ति रस का उपयोग हुआ है।

    भक्ति रस क्या है?

    जिस रचना में ईश्वर के प्रति भावना और प्रेम की चर्चा होने का भाव होता है, उस रचना में भक्तिरस का प्रयोग होता है।
    यह रस माधुर्य होता है जिसको पढ़कर लोगो के मन में मधुर रास उत्पन्न होता है
    इसमें स्थायी भाव रति अर्थात प्रेम पाया जाता है।

    कथन के बारे में:

    मीरा भगवान में मस्त होकर कहते है की उन्होंने श्री राम रूपी रत्न को पाया है और सारा जीवन उनके साथ प्रेम से बिताना चाहते है।

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