नल वंश का प्रथम शासक कौन था?

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    उत्तरकर्ता pscfighter
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    ‘एडेंगा’ (कोण्डागांव तहसील) से प्राप्त 29 स्वर्ण मुद्राओं के अनुसार नल वंश का प्रथम शासक वराह राज था |

    इसका शासनकाल 400 से 440 ई. पू. था |

    बस्तर-कोरापुट क्षेत्र में उसने नल वंश की स्थापना की थी |

    इस काल के लेखों से ज्ञात होता है की इस वंश का प्रमुख शासक “भवदत्त वर्मा” था |

    भावदत्त वर्मा के बारे में जानकारी ऋषिपुर (अमरावती) ताम्रपत्र और पोड़गढ़ शिलालेख से होती है।

    उसने वाकाटकों से नागपुर छीन लिया था ।

    भावदत्त के बाद अर्थपति राजा बना जिसकी जानकारी केशरिबढ़ ताम्रपत्र और पंडिया पाथर लेख से होती है।

    अर्थपति अपनी राजधानी पुष्करी में वापस ले आया था।

    इसके समय वाकाटकों ने नागपुर पुनः प्राप्त कर लिया था।

    इसके उत्तराधिकारी स्कंद वर्मा ने पुष्करी का पुनर्निर्माण कराया।

    इसके बाद विलासतुंग राजा हुआ जिसका एक अभिलेख राजिम से मिला है।

    विलासतुंग ने राजिम के प्रसिद्ध राजीवलोचन मंदिर का निर्माण (700-740) कराया।

    कुलिया (दुर्ग) से प्राप्त मुद्राएं नंदनराज और स्तंभ नामक दो नल राजाओं का उल्लेख करती हैं।

    10वीं सदी के मध्य में एक नल राजा भीमसेन दिखायी देता है ।

    अन्ततः 800 वर्षों का नल राज्य 12वीं सदी की शुरुआत में समाप्त हो गया ।

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