धूल के बिना किसी शिशु की कल्पना क्यों नहीं की जा सकती

    प्रश्नकर्ता yipsayetru
    Participant
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  • उत्तर
    उत्तरकर्ता Quizzer Jivtara
    Participant

    जिसका बचपन गाँव में बीता हो, वह धूल के बिना किसी शिशु की कल्पना कर ही नहीं सकता।

    धूल-मिट्टी तो गाँव का सहज शृंगार है।

    जिस प्रकार फूल के ऊपर धूल सौंदर्य बिखेरती है, उसी प्रकार शिशुमुख पर धूल उसके सौंदर्य को और बढ़ा देती है।

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