डेविस कप किस खेल से संबंधित है

    प्रश्नकर्ता jk
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    उत्तरकर्ता Quizzer Jivtara
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    डेविस कप टेनिस खेल से संबंधित है

    टेनिस के इतिहास में डेविस कप एक प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है  ग्राण्ड स्लैम खिताब दिलाने वाली टेनिस की चार विशिष्ट प्रतियोगिताओं-‘फ्रेंच ओपन’, ‘आस्ट्रेलियाई ओपन’, ‘विम्बलडन’, ‘अमरीकी ओपन’ एवं अन्य ए. टी. पी. प्रतियोगिताओं से डेविस कप पूर्णतया भिन्न है| एक ओर जहाँ उक्त प्रतियोगिताएं वैयक्तिक उपलब्धियों की प्रमुखता वाली विशुद्ध पेशेवर प्रतियोगिताएं हैं वहीं दूसरी ओर डेविस कप एक ऐसी टेनिस प्रतियोगिता है, जिसमें व्यक्तिगत प्रतिष्ठा व उपलब्धि के बदले राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को महत्व दिया जाता है |

    डेविस कप की शुरुआत सन् 1900 ई. में की गई थी| इस प्रतियोगिता को प्रारम्भ करने का श्रेय अमरीकी लुई परिवार के टेनिस खिलाड़ी ‘ड्वाइट फिली डेविस’ को जाता है| डेविस अमरीका के टेनिस खिलाड़ी थे इसीलिए ‘डेविस कप’ को अमरीका की देन कहा जाता है| ‘डवाइट फिली डेविस’ को 21 फरवरी, 1900 को ‘अमरीकी टेनिस संघ’ द्वारा डेविस कप की स्वीकृति मिली स्वीकृति मिलते ही डेविस ने 216 औंस चाँदी का 13 इंच ऊँचा और 18 इंच व्यास वाला कटोरानुमा कप तैयार करवाया जिस पर 700 डॉलर की लागत आई. इस प्रतियोगिता का पहला मैच अमरीका व ब्रिटेन के बीच खेला गया| उस मैच में अमरीका ने ब्रिटेन को 3-0 से हराया. अमरीका ने ‘डेविस कप’ का पहला विजेता बनने का श्रेय भी प्राप्त किया इस प्रतियोगिता में अमरीकी टीम के कप्तान स्वयं ‘डवाइट फिली डेविस’ ही थे |

    इसके पश्चात् सन् 1901 में यह प्रतियोगिता नहीं हो सकी थी. 1902 ई. में न्यूयार्क में खेली गई इस प्रतियोगिता में अमरीका ने ब्रिटेन को 3-2 से हराया. 1903 में ब्रिटेन ने अमरीका को 4-1 से हराकर यह प्रतियोगिता जीती. डेविस कप को सही मायने में 1904 ई. में जाकर अन्तर्राष्ट्रीय स्वरूप मिला, सन् 1907 ई. में आस्ट्रेलिया ने इसे पहली बार जीता| डेविस कप व भारत सन् 1920-21 में कई एशियाई देशों ने डेविस कप में भाग लेना शुरू किया.
    सन् 1920 ई. में भारत ने पहली बार ‘डेविस कप’ प्रतियोगिता में भाग लिया और अपने पहले दौर में भारत ने फ्रांस को 4-1 से हराया गया, लेकिन अगले दौर में जापान ने भारत को 5-0 से हराया. इस भारतीय टीम के सदस्य मोहम्मद सलीम, एम. एम. जैकब, एल. एन. डीन, ए. ए. फौजी और ए. एच. फौजी थे|

    सन् 1922 ई. में भारत ने रुमानिया को तो हरा दिया, लेकिन अगले दौर में स्पेन से हार गया. 1925 व 1927 में भारत अन्तर क्षेत्रीय सेमीफाइनल में पहुँचा. 1929, 1931, 1932, 1933, 1935, 1936 और 1937 में भारत ने ‘डेविस कप’ प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया सन् 1949 से 1951 तक भारत एक बार फिर इस प्रतियोगिता में नहीं खेला| सन् 1956 से भारत लगातार इस क्षेत्र से प्रतियोगिता में शामिल हो रहा है. सन् 1956 ई. में जापान और श्रीलंका को हराकर भारत क्षेत्रीय चैम्पियन बना, लेकिन फाइनल में अमरीका से 4-1 से हार गया| सन् 1960 में भारत अन्तर्खेत्रीय फाइनल में आस्ट्रेलिया से 1-4 से हार गया| इन दोनों ही अवसरों पर एक एक मैच रामानाथन कृष्णन ने जीते थे |सन् 1966 का वर्ष भारतीय टेनिस का अविस्मरणीय वर्ष रहा| भारत ने श्रीलंका को 5-0 से, ईरान को 5-0 से और जापान को 4-1 से हराकर पूर्वी क्षेत्र का खिताब जीता और फिर अन्तर्राष्ट्रीय सेमीफाइनल में भारत ने यूरोपीय क्षेत्र के पश्चिमी जर्मनी को 3-2 से हराया, उसके बाद भारत ने फाइनल में अमरीका को हराने वाली ब्राजील टीम को 8-2 से हराकर पहली बार चैलेंज राउण्ड में प्रवेश किया| परन्त मेलबोर्न में हए चैलेंज राउण्ड में आस्ट्रेलिया ने भारत को 4-1 से हराकर भारत का डेविस कप जीतने का सपना चकनाचूर कर दिया |

    इसके पश्चात् 1974 ई. में विजय अमृतराज ‘डेविस कप’ प्रतियोगिता में खेले, इस वर्ष भारत ने पूर्वी क्षेत्र फाइनल में आस्ट्रेलिया को 3-2 से हरा दिया| अन्तर्खेत्रीय सेमीफाइनल में भारत ने सोवियत संघ को 3-1 से हरा दिया और एक बार फिर फाइनल में प्रवेश किया. फाइनल मुकाबला भारत का दक्षिण अफ्रीका के साथ होना था, लेकिन रंगभेद नीति के समर्थक ‘दक्षिण अफ्रीका’ के साथ भारत ने खेलने से मना कर दिया इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका विजयी बना|

    1974 से आज तक भारत डेविस कप में भाग लेता आ रहा है, परन्तु अभी तक भारत ने कोई उल्लेखनीय सफलता  हासिल नहीं की है.

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