किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को कहानी में किस तरह व्यक्त किया गया है ?

    प्रश्नकर्ता vicky
    Participant
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  • उत्तर
    उत्तरकर्ता jivtaraQuizzer
    Participant

    किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को कहानी में निम्न तरह व्यक्त किया गया है –

    आदिकाल से पशु और मानव का अन्योन्याश्रित संबंध रहा है।

    मनुष्य अपनी विभिन्न आवश्यकताओं के लिए जिस तरह पशुओं पर निर्भर है ठीक उसी तरह पशु भी अपनी आवश्यकताओं के लिए मनुष्य का मुँह देखते हैं।

    प्रस्तुत कहानी ‘दो बैलों की कथा’ में प्रेमचंद ने इन्हीं संबंधों की गहराई को सूक्ष्मता से उतारा है।

    कहानी में एक तरफ झूरी का अपने बैलों के प्रति प्यार तथा समर्पण की भावना को उतारा गया है तो दूसरी तरफ हीरा-मोती को अपने मालिक के प्रति प्रेम और समर्पण को चित्रित किया गया है, जो पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को व्यक्त करता है।

    उत्तरकर्ता maharshi
    Participant

    किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य का गहरा संबंध है।

    वे दोनों एक-दूसरे पर आश्रित हैं।

    किसान को हल चलाने, गाड़ी ढोने के लिए बैल चाहिए।

    बैलों को ताकतवर बनाए रखने के लिए उन्हें अच्छा चारा-दाना भी मिलना ज़रूरी है।

    कहानी के माध्यम से इन संबंधों को स्पष्ट किया गया है कि झूरी बैलों को प्यार करता है।

    बैल भी बढ़-चढ़कर उसका काम करते हैं।

    दूसरी ओर गया बैलों को बिना पर्याप्त भोजन दिए काम लेना चाहता है, तो आत्मीय संबंध के अभाव के कारण बैल उसके पास से भाग जाते हैं।

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