किन्हीं दो प्राकृतिक आपदाओं का वर्णन करें

    प्रश्नकर्ता mangal
    Participant
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    उत्तरकर्ता Quizzer Jivtara
    Participant

    दो प्राकृतिक आपदाओं का वर्णन निम्न है :-

    बाढ़:-  बाढ़ एक प्राकृतिक घटना है और यह उस समय आपदा बन जाती है जब इसके द्वारा अपार जन-धन की हानि होती है।

    बाढ़ का सामान्य अर्थ है कि विस्तृत स्थलीय भाग का कई दिनों तक जलमग्न रहना।

    बाढ़, प्रायः अत्यधिक भारी वर्षा, बांधों के अचानक टूटने, तीव्र गति से बर्फ पिघलने, नदियों के गति तथा प्रवाह में रूकावट आने से आया करती है।

    बाढ़ प्राकृतिक एवं मानव जनित प्रकोप है।

    अधिकतर बाढ़ का सम्बन्ध विस्तृत जलोढ़ मैदानों में प्रवाहित होने वाली नदियों से होता है।

    इसके अलावा कुछ स्थानीय बाढ़ भी होती है जैसे नगरी नदियों में आई बाढ़ तथा सागर तटीय बाढ़।

    नगरी बाढ़ मूसलाधार वर्षा के कारण जलभराव का परिणाम है जबकि तटीय बाढ़ प्रचण्ड वायुमण्डलीय तूफानों द्वारा उत्पन्न महालहरों के कारण होती है।

    बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव मानव जीवन पर पड़ता है।

    क्योंकि बाढ़ के समय डूबने, भवनों के ध्वस्त होने तथा बाढ़ जनित बीमारियों के कारण हजारों लोगों की मृत्यु हो जाती है।

    भूकम्प :-  भूकम्प का आगमन पृथ्वी के आन्तरिक भाग से तापीय दशाओं में परिवर्तन तथा विवर्तनिक हलचल के कारण होता है।

    इसका उत्पत्ति पृथ्वी की पपड़ी के किसी भी भाग में असंतुलन उत्पन्न होने से होता है।

    पृथ्वी के भीतरी भाग में असंतुलन तथा अव्यवस्था कई कारणों से होती है।

    जैसे ज्वालामुखी का उद्भेदन, भ्रंशन और वलन, उत्संबलन और अवसंवलन तथा प्लेट संचलन आदि।

    भूकम्प एक विनाशक प्राकृतिक घटना है जो अचानक या क्षणिक बिना चेतावनी के आती है।

    इसके कारण नगरों और शहरों का विनाश, मानवकृत संरचनाओं यथा भवन, रेल, सड़क, पुल आदि को क्षति, मानव और जीव जन्तुओं की मृत्यु तक हो जाती है।

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