कस्य भवने सर्वविधानि सुखसाधनानि आसन्

    प्रश्नकर्ता sahil12
    Participant
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    उत्तरकर्ता jivtarachandrakant
    Moderator

     श्री कण्ठस्य भवने सर्वविधानि सुखसाधनानि आसन्।

    जिसका अर्थ हिंदी में    “श्रीकण्ठ के भवन में सभी सुखों का साधन उपलब्ध था। श्रीकण्ठ के पिता समृद्ध थे। उनके विशाल भवन में चार सौ स्तम्भ थे, अनेक सेवक घर में लगे हुए थे।”

    यह एन.सी.ई.आर.टी. एवं सी.बी.एस.ई. के, संस्कृत -VII के अध्याय: 3  स्वावलम्बनम (आत्मनिर्भरता) से लिया गया है

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