ऋतुराज वसंत के बाल-रूप का वर्णन परंपरागत वसंत वर्णन से किस प्रकार भिन्न है।

    प्रश्नकर्ता mamta
    Participant
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  • उत्तर
    उत्तरकर्ता Shivani
    Participant
    • अक्सर कवि वसंत ऋतु का वर्णन करते हुए ऋतुओं के परिवर्तन का सरल तरीके से वर्णन करते हैं।
    • रंग-बिरंगे फूल, हरियाली और झूला झूलने वाली मजबूत नायिकाओं जैसी चीजों का जिक्र मुझे खुश कर देता है।
    • इस कविता में, वसंत को एक बच्चे के रूप में चित्रित किया गया है जो कामदेव का पुत्र है।
    • कवि कहता है कि प्रकृति उसके साथ नवजात शिशु की तरह व्यवहार कर रही है।
    • अतः कवि देव द्वारा इस ग्रन्थ में वसंत का वर्णन परम्परागत नहीं है।
    • अक्सर कवि रंग-बिरंगे फूलों, हरियाली, झूलती वीर नायिकाओं आदि के सन्दर्भ में चीजों का सरलता से वर्णन करता है।
    • इस कविता में देव जी ने हमें एक नवजात शिशु की तरह व्यवहार करने वाले वसंत को दिखाया है। कवि देव द्वारा इस पाठ में वसंत का वर्णन विशिष्ट नहीं है।
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